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  • हुन्जुन हॉस्पिटल नी रिप्लेसमेंट की सर्जरी के द्वारा कर रहा है घुटने से जुड़ी समस्या का सटीक इलाज

    हुन्जुन हॉस्पिटल नी रिप्लेसमेंट की सर्जरी के द्वारा कर रहा है घुटने से जुड़ी समस्या का सटीक इलाज

    हुन्जुन हॉस्पिटल रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के माध्यम से घुटने से जुडी समस्याओं से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर रहा है | इस सर्जरी से न केवल मरीज़ों को घुटने से जुडी समस्याओं से छुटकारा मिल रहा है, बल्कि इस सर्जरी के दौरान मरीज़ को किसी भी दर्द या फिर फिर किसी भी परेशानियों का समाना नहीं करना पड़ता | इसी विषय पर बने एक इंटरव्यू वीडियो में, जो की इस संस्था के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट है, एक मरीज ने यह बताया की वह पिछले 3 सालों से घुटने में दर्द की समस्या से गुज़र रहे थे | उन्होंने कई हॉस्पिटल से अपना इलाज करवाये था, लेकिन जो परिणाम इस संस्था से इलाज करवाने के बाद मिला है वैसा परिणाम उन्हें और कहीं से भी प्राप्त नहीं हो पाया है | 

    उस मरीज़ ने यह भी बताया की उनके दोनों घुटनो का इलाज भी रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के माध्यम से ही किया गया है | इस सर्जरी के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या से गुजरना नहीं पड़ा और उन्हें किसी भी तरह के दर्द का अनुभव नहीं हुआ | इस सर्जरी के बाद मिले परिणाम से वह बहुत खुश है और सभी को यही सलाह देंना चाहते है की यदि कोई भी व्यक्ति घुटने से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या से पीड़ित है तो वह अपना इलाज हुन्जुन हॉस्पिटल से ही करवाएं | 

    इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें और इस वीडियो को पूरा देखें | इसके अलावा आप हुन्जुन हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है | इस चैनल पर आपको  इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी | 

    इस संस्था के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन ऑर्थोपेडिक्स में स्पेसलिस्ट है, जो पिछले 32 सालों से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर उन्हें समस्याओं से छुटकारा दिला रही है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही हुन्जुन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट में मौजूद नंबरों से भी संपर्क कर सकते है |

  • जोड़ो के दर्द के इलाज के लिए पीआरपी इंजेक्शन लगवाने के क्या है फायदे ?

    जोड़ो के दर्द के इलाज के लिए पीआरपी इंजेक्शन लगवाने के क्या है फायदे ?

    एक व्यक्ति को जोड़ों में दर्द कई कारणों से उत्पन्न हो सकता है, जैसे की  अत्यधिक उपयोग करने से,किसी भी कारण वर्ष लगी गंभीर चोट या फिर गठिया की वजह से आदि | चाहे यह जोड़ों में होने वाला दर्द हल्का हो या फिर गंभीर, हर तरह से यह दर्द आपके रोज़मर्रा कामों में बाधा बन सकता है और आपके प्रतिक्रियाओं को भी सिमित कर सकता है | आइये जानते है जोड़ों में दर्द होने के मुख्य कारण क्या है :- 

    जोड़ो में दर्द होने के मुख्य कारण :- 

     

    • आथ्रॉइटिस, जिसे गठिया भी कहा जाता है | 
    • खेल के दौरान चोट का लगना  
    • बर्साइटिस :- बार्स में उत्पन्न एक दर्दनाक सूजन होती है, यह तरल पदार्थ से भरी एक थैली होती है, जो ऊतकों के बीच घर्षण को कम करने का कार्य करती है |  
    • टेंडोनाइटिस :- टेंडन में उत्पन्न एक सूजन होती है, जो शरीर में मौजूद किसी भी टेंडन में हो सकता है | 
    • जोड़ों का अत्यधिक उपयोग करने से 
    • गाउट :- यह गठिया का एक प्रकार होता है, जब शरीर में अत्यधिक यूरिक एसिड जमा होने लग जाता है, तो इसे जोड़ों में सूजन आ जाती है |    

     

    गठिया एक स्थिति है जिसमें यह आपके जोड़ों को सहारा देने वाले ऊतकों को नुक्सान पहुंचने का कार्य करते है, जिससे हड्डिया आपस में रगड़कर घर्षण और दर्द को उत्पन्न करती है | जिससे आपके जोड़ों में सूजन भी पैदा हो सकता है | लेकिन घबराएं नहीं, आज के दौर में विज्ञान ने इतनी उन्नत हासिल कर ली है और ऐसे लेटेस्ट उपकरणों और तकनीक को लांच किया है, जिसके जरिये शरीर के जोड़ो से जुडी कई तरह की समस्या का सटीकता से इलाज किया जा सकता है, उन्ही में से एक है पीआरपी इंजेक्शन | पीआरपी इंजेक्शन जोड़ों से संबंधित समस्याओं से पीड़त मरीज़ों के लिए एक आशाजनक रास्ता प्रदान करता है, जिसके माध्यम से जोड़ों में उत्पन्न दर्द का आसानी से इलाज किया जा सकता है | आइये जानते है पीआरपी इंजेक्शन के बारे में और इससे कौन-कौन फायदे प्राप्त हो सकते है :- 

     

    पीआरपी इंजेक्शन क्या है ? 

     

    जोड़ों के दर्द के लिए पीआरपी इंजेक्शन, प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा का उपचार है | जिसमें मरीज़ के खून में से प्लेटलेट को अलग करके एक गाढ़ा गोल बनाया जाता है, फिर इस गोल को दर्द हो रहे हिस्से में इंजेक्शन के जरिये इंजेक्ट कर दिया जाता है | पीआरपी इंजेक्शन की मदद से जोड़ो के दर्द से काफी राहत पाया जा सकता है और यह कार्य में सुधर लाने में भी मदद  करता है | यह उपचार गठिया, कूल्हे, घुटने और कंधे के दर्द के लिए बेहद फायदेमंद होते है | आइये जानते है पीआरपी इंजेक्शन को लगवाने से कौन-कौन से लाभ प्राप्त हो सकते है :- 

     

    पीआरपी इंजेक्शन लगवाने से कौन-कौन से लाभ प्राप्त हो सकते है ? 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन से जोड़ों में उत्पन्न सूजन, दर्द और अकड़न को कम किया जा सकता है | 

     

    • इससे जोड़ों में मौजूद चिकनाई को बढ़ावा मिलता है और जोड़ों से काम करना भी काफी बेहतर हो जाता है | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन क्षतिग्रस्त हुए ऊतकों के पुनर्निर्माण करने में मदद करता है | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन असर बड़ी तीव्रता से करता है और शरीर में प्राकृतिक तरीके से कोशियों को विकसित करता है |
    • पीआरपी इंजेक्शन में प्लेटलेट्स मौजूद होते है, जो रक्त में थक्के को बनाने का काम करता है और कोशिका प्रजनन को बढ़ाता है | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन के उपयोग से कठोर दवाओं का सेवन और ओपिओइड का प्रयोग कम हो जाता है | 

    पीआरपी इंजेक्शन से जुड़े कुछ ज़रूरी बातें 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन में मरीज़ के खून का प्रयोग किया जाता है, इसलिए इससे किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव या फिर अस्वीकृत होने का कोई भी खतरा नहीं होता | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन से जोड़ों के दर्द से आराम मिलने के साथ-साथ इससे उपास्थि भी मरम्मत हो जाती है | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन को लगाने के कुछ ही दिनों बाद जोड़ो का दर्द काफी हद तक काम हो जाता है और इससे गतिविधियां फिर से शुरू की जा सकती है | 

     

    • पीआरपी इंजेक्शन के पूरा उपचार की प्रक्रिया कम से कम तीन से छह महीना तक चल सकता है |

     

    • पीआरपी इंजेक्शन से पड़ने वाला सबसे आम दुष्प्रभाव है, इंजेक्शन वाले जगह पर दर्द और सूजन होना, जो आमतौर पर कुछ ही दिनों में चला जाता है |   

     

    यदि आप में से कोई भी व्यक्ति जोड़ों में हो रहे दर्द की समस्या से पीड़ित है पर स्थायी रूप से अपना इलाज करवाना चाहता है तो इसमें हुंजन हॉस्पिटल आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था में मौजूद प्रत्येक डॉक्टर पंजाब के बेहतरीन ऑर्थोपेडिक्स में से एक है, जो पिछले 32 वर्षो से जोड़ो से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित मरीज़ों का सटीकता से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही हुंजन हॉस्पिटल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |

  • हड्डियां और मांसपेशियों के कमज़ोर होने के मुख्य कारण क्या है ?

    हड्डियां और मांसपेशियों के कमज़ोर होने के मुख्य कारण क्या है ?

    किस भी व्यक्ति के लिए पूरे जीवन में समग्र स्वास्थ्य और गतिशीलता बनाये रखने के लिए मजबूत हड्डियां और मांसपेशियों का होना अनिवार्य होता है | हालांकि, विभिन्न कारक इन महत्वपूर्ण संरचनायों को कमज़ोर करने में योगदान देती है | आइये जानते है हड्डियां और मांसपेशियों के कमज़ोर होने के मुख्य कारण कौन-से है :- 

    हड्डियां के कमज़ोर होने के मुख्य कारण 

     

    • उम्र का बढ़ना :- हड्डियां कमज़ोर होने के सबसे आम कारण है बढ़ती उम्र | जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ने लग जाती है, उनकी हड्डियों में घनत्व कम होने लग जाता है | जिससे ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जो विशेष रूप से हड्डियों को कमज़ोर करने काम करते है, जिसके परिणामस्वरूप हड्डियों में फ्रैक्चर होने का जोखिम कारक बढ़ जाता है | 

     

    • पोषण की कमी होना :- आज के दौर में लोगों के खानपान में इतने बदलाव आ गए है कि उन्हें पूर्ण रूप से पोषण प्राप्त नहीं हो पता | हड्डियों से जुड़ी स्वास्थ्य में अपनी भूमिका निभाने वाले पोषक तत्व कैल्शियम और विटामिन डी का पर्याप्त रूप से सेवन करना बेहद ज़रूरी होता है | इन पोषण तत्वों की कमी होने पर शरीर के हड्डियां कमज़ोर हो सकती है | 

     

    • हार्मोनल परिवर्तन होना :- शरीर में मौजूद हार्मोन्स हड्डियां को प्रभावित कर सकते है | महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान हुए एस्ट्रोजन के स्तर पर गिरावट, हड्डियों को तेज़ी से नुक्सान पहुंचने का कार्य करते है और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर ये हड्डियों के घन्तव की कमी होने कारण बन सकते है | 

     

    • शारीरिक प्रतिक्रिया :- मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां, एक गतिहीन जीवनशैली के कारण हड्डियां को कमज़ोर कर सकती है | इसलिए हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना ज़रूरी होता है |    

     

    • दवाएं के सेवन से :- कुछ दवाओं ऐसे भी होती है, जिसका लम्बे समय तक सेवन करने से हड्डियां कमज़ोर होने लग जाती है, क्योंकि यह दवाएं कैल्शियम अवशोषण और हड्डी के पुनर्निर्माणित में खलल बनने का काम करती है | 

     

    • धूम्रपान और शराब जैसी नशीली पदार्थों का सेवन करना :- धूम्रपान और अनियमित रूप से शराब जैसी नशीली पदार्थों का सेवन करने से हड्डियां कमज़ोर हो सकती है | 

     

    मांसपेशियों के कमज़ोर होने के मुख्य कारण 

     

    • उम्र के साथ शरीर में मौजूद मांसपेशियों का कमज़ोर होना स्वाभाविक है, इस स्थिति को सरकोपेनिया के रूप से भी जाना जाता है | 
    • न्यूनतम शारीरिक गतिविधि के साथ-साथ एक गतिहीन जीवनशैली मांसपेशी को कमज़ोर कर सकती है | 
    • शरीर में लगी गंभीर चोट की वजह से मांसपेशियां कमज़ोर हो सकती है, जैसे की फ्रैक्चर या फिर संयुक्त अव्ययस्था, जो अनुप्रोयोजित शोष का कारण बनती है |   
    • कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियां होती है, जो मांसपेशियों को कमज़ोर करने का कार्य करती है | 
    • कुछ गंभीर बीमारियों की वजह से उत्पन्न स्थितियों के कारण भी मासपेशियां कमज़ोर होने लग जाती है |    

    हड्डियां और मांसपेशिओं को कमज़ोर होने से ऐसे रोकें ?   

     

    संपूर्ण स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए और जटिलताओं को रोकने के लिए हड्डियों और मांसपेशियों को कमज़ोर होने से रोकना बेहद महत्वपूर्ण होता है | कुछ रणनीतियां है, जिसके माध्यम से आप हड्डियां और मांसपेशिओं को कमज़ोर होने से रोक सकते है, जिमें शामिल है :- 

     

    • हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए कैल्शियम, विटामिन डी और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन आहार को अपनी डाइट में शामिल करें | जैसे की दूध से बने उत्पाद और अन्य हरी सब्ज़ियां आदि | 

     

    • नियमित रूप से व्यायाम करने से आप हड्डियां और मांसपेशियों को मज़बूत बना सकते है, जैसे की पैदल चलना, जॉगिंग करना आदि | 

     

    • धूम्रपान और शराब जैसी नशीली पदार्थों का सेवन बिलकुल न करें |  

     

    यदि आप में कोई भी व्यक्ति ऐसी ही किसी परेशानी से जूझ रहे है और इलाज करवाना चाहते है तो इसमें हुंजन हॉस्पिटल आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुंजन ऑर्थोपेडिक्स में स्पेशलिस्ट है, जो इस समस्या का इलाज कर, इससे छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही हुंजन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |

  • विटामिन से कमी होने से आंखों की रौशनी के कमी के साथ-साथ हड्डियों में भी होने लगता है दर्द, ऐसे बढ़ाएं इन्टेक

    विटामिन से कमी होने से आंखों की रौशनी के कमी के साथ-साथ हड्डियों में भी होने लगता है दर्द, ऐसे बढ़ाएं इन्टेक

    विटामिन बी12 शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पौष्टिक तत्व होता है, जो हड्डियों से लेकर ब्रेन और इम्यून सीसैटेम के लिए बेहद  ज़रूरी तत्व माना जाता है | इसलिए जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो जाती है तो इससे ऑर्गन्स और इन सिस्टम्स पर बहुत हो बुरा असर पड़ता है | हुंजन हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुंजन ने यह बताया की आमतौर पर यह देखा गया है की शरीर और स्वाथ्य के लिए ज़रूरी होने के बावजूद भी लोगों में विटामिन बी12 की कमी होने मामले  सबसे अधिक पाए जाते है | इस आंकड़े यह पता चलता है की लोगों को विटामिन बी12 के सही खुराक के बारे में अभी तक सही जानकारी प्राप्त नहीं हुई है | आइये जानते है विटामिन बी12 की कमी होने के मुख्य लक्षण क्या है :-   

    विटामिन बी12 की कमी होने के मुख्य लक्षण 

     

    • एनीमिया और कमज़ोरी होना :- विटामिन बी12 शरीर में रक्त कणिकाओं और प्लेटलेट्स बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाने का काम करती है | इसलिए जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो जाती है तो इससे प्लेटलेट्स की संख्या में कमी आने लग जाती है, जो एनीमिया जैसी स्थिति को उत्पन्न करने का कार्य करता है | 

     

    • कमज़ोर हड्डियां :- शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने से हड्डियां कमज़ोर होने लग जाती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या उत्पन्न होने का जिखिक कारक बढ़ जाता है | 

     

    • आंखों की रौशनी का कमज़ोर होना :- जब शरीर में विटामिन बी12 कमी हो जाती है तो इससे ऑप्टिक नर्व को भी काफी नुक्सान पहुंचने लग जाता है | जिस वजह से आंखों की दृष्टि में धुँधलापन आ जाता है और साफ-साफ़ देखने में काफी परेशानी होती है |  

     

    • त्वचा से जुड़ी समस्या का उत्पन्न होना :- शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने के कारण त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जैसे की ड्राई स्किन, हाइपरपिगमेंटेशन, विटिलिगो और स्किन में बार-बार खुजली महसूस होना आदि शामिल है |    

     

    विटामिन बी12 की कमी होने पर कौन-से भोजन का सेवन करना चाहिए ?      

     

    • सी-फूड्स जैसे की साल्मन मछली 
    • अंडा और पोल्ट्री से बने पदार्थ  
    • चिकन 
    • दूध, दही, चीज़ और पनीर 
    • पालक, चुकंदर और मशरूम आदि 

    यदि आप को भी हड्डियों में दर्द और साफ-साफ़ दिखने में परेशानी हो रही है या फिर ऊपर बताये गए किसी भी लक्षण से गुजर रहे है तो इसका मतलब यह है की आपको विटामिन बी12 की कमी हो गयी है | इसलिए समय रहते डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं, क्योंकि इलाज में देरी होने पर यह स्थिति को गंभीर कर सकते है |

     

    इलाज के लिए आप हुंजन हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुंजन ऑर्थोपेडिक्स में स्पेशलिस्ट है, जो पिछले 32 वर्षों से ओर्थपेडीक से जुडी समस्या से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही हुंजन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |     

  • घुटनों में दर्द होने के प्रमुख लक्षण, कारण और कैसे पाएं निदान ?

    घुटनों में दर्द होने के प्रमुख लक्षण, कारण और कैसे पाएं निदान ?

    बढ़ती उम्र के साथ-साथ एक व्यक्ति के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना सामन्य-सी बात होती है, लेकिन इसकी वजह से व्यक्तियों को कई तरह के समस्याओं से गुजरना पड़ जाता है | आज के दौर में लोगों के खानपान में इतने बदलाव आ गए है की उन्हें पर्याप्त रूप से पोषक तत्व नहीं मिला पता है, जो आगे जाकर कमज़ोर हड्डियां होने का कारण बन जाता है | हड्डियों के  कमज़ोर होने के कारण, यह कई शरीर के कई जोड़ों में कई तरह के समस्याओं को उत्पन्न कर देता है, जिनमें से एक है घुटनों का दर्द | इन्ही कारणों से आज कल के बच्चों को भी कई तरह के गंभीर बिमारियों से गुजरना पड़ जाता है | आज के दौर में घुटनों का दर्द इतना आम हो गया है की यह अब किसी भी आयु के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है | लेकिन खुशी की बात यह की अब घुटनों के दर्द का सटीकता से इलाज किया जा सकता है | कुछ घरेलु उपचार की मदद से घुटनों के दर्द को कम किया जा सकता है | इस घरेलु उपचार को जांनने से पहले आइये जान लेते है घुटनों में दर्द के मुख्य लक्षण और कारण क्या है :-  

    घुटनों में दर्द के प्रमुख लक्षण क्या है ?  

     

    • घुटनो को मोड़ने में परेशानी होना 
    • घुटनों को सीधा करने में तकलीफ होना
    • घुटनों के आस-पास क्षेत्र में सूजन होना 
    • ज्यादा समय तक खड़े रहने में तकलीफ होना 
    • पैरों को हिलाते समय घुटनों की हड्डियों का आपस में टकराने की आवाज़ आना 
    • दर्द वाले क्षेत्र का लाल हो जाना या फिर छूने पर गर्म-गर्म का एहसास होना 

     

     

    घुटनों में दर्द के प्रमुख कारण क्या है ?

     

    घुटनों में दर्द होने के कई कारण हो सकते है, क्योंकि कई मामलों में घुटनों का दर्द थोड़े समय के लिए रहता है और कई मामलों में यह लंबे समय तक के लिए भी रह सकता है | कई तरह की बिमारियों से भी ये घुटनों के दर्द का कारण बन सकती है, आइये जानते है :- 

     

    • जब एक व्यक्ति अपने घुटनों का सामान्य मात्रा से भी अधिक इस्तेमाल करता है, तो इस वजह से उस व्यक्ति को बर्साइटीस की समस्या से गुजरना पड़ जाता है | 

     

    • यदि किन्हीं कारणों से घुटने की हड्डी टूट गयी है या फिर अपनी जगह से अस्थिर हो गयी है तो इससे डिस्लोकेशन  की समस्या हो जाती है | डिस्लोकेशन होने पर डॉक्टर प्लास्टर को लगाने की सलाह देता है | 

     

    • जब व्यक्ति के शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य रूप से भी काफी बढ़ जाती है तो इससे गाउट की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जो घुटनों में दर्द होने का कारण बनता है |

     

    • घुटनों की संरचना में किसी भी तरह के बदलाव आने के कारण ओस्टेओआर्थ्रिस्टिस की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिस कारण पीड़ित व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ जाता है | 

     

    • आर्थराइटिस की शुरुआत घुटनों के सूजन से होती है, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के घुटनों में काफी लंबे समय तक सूजन और दर्द की समस्या रहती है , जो कुछ ही दिनों बाद घुटनो की हड्डियों का विकार बढ़ाने लग जाता है और जिससे यह धीर-धीरे कमज़ोर होने लग जाती है | 

    घुटनों में दर्द के लिए घरेलू उपचार 

     

    • लाल मिर्च का करें इस्तेमाल :- घुटनों के दर्द से निदान के लिए आप लाल मिर्च का उपयोग कर सकते है | इसके लिए सबसे पहले दो चम्मच लाल मिर्च को आधा कप जैतून तेल में मिलाकर, इससे अच्छे से गर्म कर लें | फिर थोड़ी देर बाद इस मिश्रण में बी वैक्स डालकर, इससे लगातार चलते रहे और पकने के 10 मिनट बाद गैस स्टोव को बंद कर दें | ठंडा होने पर इस लेप को घुटनों के प्रभावित क्षेत्र में लगा लें | लाल मिर्च एनाल्जेसिक के गुणों से भरपूर होता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द को कम करने में मदद करता है | 

         

    • हल्दी है घुटनों के दर्द के लिए फायदेमंद :- सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी को मिलकर इस पेय सेवन करें | हल्दी को एक बेहतर औषधि के रूप से जाना जाता है, जिसके दिन में दो बार सेवन करने से घुटनों के दर्द से राहत मिल सकती है |  

     

    • सेब के सिरका का करें सेवन :- सेब का सिरका एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे गुणों से भरपूर होता है, जो सूजन और दर्द को कम करने का कार्य करता है | इसलिए एक गिलास गरम पानी में दो चम्मच सेब के सिरके को मिलाकर, इसे खाना खाने के बाद सेवन करें |     

     

    • अदरक दिलाएं घुटनों के दर्द से छुटकारा :- अदरक को दो तरीकों से इस्तेमाल किए जा सकता है, पहले अदरक की चाय पीने से दर्द की समस्या को दूर किया जा सकता है और दूसरा, अदरक को पीसकर इस सूती के कपड़े में लपेटकर घुटनों में रखने से दर्द की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है |  

     

    • सेंधा नमक है बेहतर दर्द निवारक :- सेंधा नमक को प्राकृतिक दर्द निवारक भी माना जाता है | इसके लिए किसी बड़े बर्तन में गुनगुने पानी को रखें और इसमें सेंधा नामक को मिलाएं | फिर अपने घुटनों को 10 से 15 मिंट के लिए इस गुनगुने पानी में डुबाकर रखें, ऐसा करें से सूजन और दर्द की समस्या को कम किया जा सकता है |   

    यदि यह सब नुस्खों का इस्तेमाल करने के बावजूद भी आपकी स्थिति में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं आ रहा है तो बेहतर है की आप किसी अच्छे विशेषज्ञ के पास जाएं अपना इलाज करवाएं | इसके लिए आप हुंजन हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुंजन पंजाब के बेहतरीन ऑर्थोपेडिक्स में से एक है, जो पिछले 32 वर्षो से घुटनों की समस्या से पीड़ित मरीज़ों का सटीकता से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही हुंजन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक कराएं | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों  से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |  

  • डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन से जाने कैसे किया जाता है उनके हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक से जुड़ी समस्या का इलाज

    डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन से जाने कैसे किया जाता है उनके हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक से जुड़ी समस्या का इलाज

    हुन्जुन हॉस्पिटल के यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक इंटरव्यू वीडियो में डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन ने यह बताया कि हुन्जुन हॉस्पिटल पिछले 35 सालों से ऑर्थोपेडिक से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित मरीज़ का इलाज कर रहा है और इस हॉस्पिटल को ऑर्थोपेडिक से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने के नाम से भी जाना जाता है, जहाँ हड्डियों से जुडी सभी समस्याओं का स्थायी और सटीक तरीकों से इलाज किया जाता है | हड्डियों और जोड़ों से जुडी किसी भी प्रकार ऑपरेशन उनके हॉस्पिटल में बड़े ही सटीक तरीकों से किया जाता है, जैसे की जॉइंट नी रिप्लेसमेंट, जो कंप्यूटर नेविगेशन के माध्यम से किया जाता है, कूल्हे को बदलवाना, सोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी और भी कई ऐसे सफलतापूवर्क सर्जरी किये जाते है, जिसके परिणाम भी काफी बेहतरीन होते है |   

     

    डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन ने यह भी बताया की इसके ;अलावा उनके हॉस्पिटल में अर्थरोस्कोपी थेरेपी भी की जाती है, जिससे कीहोल सर्जरी के नाम से भी जाता है, इसके माध्यम से भी घुटनों के जुड़ी समस्याओं का सफलतापूवर्क सर्जरी किया जाता है | इस फील्ड में अब उनका बेटे डॉक्टर जयवीर सिंह ने उनका साथ देना शुरू कर दिया है, डॉक्टर जयवीर सिंह ने तीन साल ऑर्थोस्कोपी में स्पेशल ट्रेनिंग ली है और अब वह भी ऑर्थोपेडिक से जुड़ी समस्याओं का सटीक इलाज और सफलतापूवर्क सर्जरी कर रहे है | 

     

    इसके अलावा उनके हॉस्पिटल में रीढ़ की हड्डी से जुडी समस्याओं का सफलतापूवर्क भी इलाज किया जाता है | इसके साथ ही वह मरीज़ों का इलाज के लिए लेटेस्ट उपकरण और नए तकनीकों के उपयोग से करते है, ताकि मरीज़ को उचित उपचार और समस्या का सटीक इलाज प्राप्त हो सके | 

    इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें और इस वीडियो को पूरा देखें | इसके अलावा आप हुन्जुन हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है, इस चैनल पर आपको इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी | 

     

    यदि आप में से कोई भी व्यक्ति हड्डियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या से गुज़र रहा है और सटीक इलाज करवाना चाहता है तो इसके लिए आप हुन्जुन हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सभी डॉक्टर ऑर्थोपेडिक्स में स्पेशलिस्ट है, जो इस समस्या को कम करने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इसलिए आज ही हुन्जुन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट में मौजूद नंबरों से भी संपर्क कर सकते है |

  • जानें एक्सपर्ट्स से ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद इन 7 खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है बेहद महत्वपूर्ण

    जानें एक्सपर्ट्स से ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद इन 7 खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है बेहद महत्वपूर्ण

    हुन्जुन हॉस्पिटल ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के माध्यम से यह बताया कि ऑर्थोपेडिक सर्जरी करवाने के बाद मरीज़ को आराम के साथ-साथ एक स्वस्थ आहार को अपनाना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि यह मरीज़ को मधुमेह और हृदयघात जैसे समस्या से दूर रखने का कार्य करता है | सर्जरी को करवाने के बाद मरीज़ शरीरक और मानसिक रूप से काफी कमज़ोर हो जाता है, जिससे रिकवर होने के लिए सख्त आराम और आहार की आवशयकता होती है | इसलिए सर्जरी के बाद प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए मरीज़ को इन 7 खाद्य पदार्थों का सेवन ज़रुर करना चाहिए, ताकि वह जल्द से जल्द रिकवर हो सके | आइये जानते है इन 7 खाद्य पदार्थों के बारे में :- 

     

    • प्रोटीन :- सर्जरी से उबरने के लिए प्रोटीन को आवश्यक खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है, क्यों प्रोटीन संक्रमण को रोकने का कार्य करती है और साथ ही हड्डियों के द्रव्यमान को बढ़ाने में भी मदद करती है | इसलिए मरीज़ को सोयाबीन, चिया सीड्स, बथुआ और पालक जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदाथों का सेवन करना चाहिए |   


    • कैल्शियम :- कैल्शियम हड्डियों की मज़बूती को बढ़ाने के साथ-साथ इससे बरक़रार रखने में भी मदद करती है | इसलिए मरीज़ को हरी सब्ज़ियां, सोया से बने पदार्थ, मछली और दूध का सेवन करना चाहिए | 


    • विटामिन डी :- विटामिन डी को उपभोग करने के सबसे अच्छा तरीका है, सूर्य की किरणें | सूर्य स्वाभाविक रूप से विटामिन डी जैसे पोषक तत्व की आपूर्ति करता है |   


    • विटामिन सी :- विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो मानव शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में सहायता करता है | इसलिए मरीज़ को विटामिन सी से भरपूर ब्रोकोली, रेग पेपर्स, पत्तागोभी और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए | 


    • जिंक :- जिंक से भरपूर खाद पदार्थ सर्जरी से होने वाले घाव को तेज़ी से भरने में काफी मदद करता है, इसलिए मरीज़ को पमकिन सीड्स, डार्क चॉकलेट, मीट एंड चिकन और काजू जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए |    


    • ओमेगा 3 :- फैटी फिश, नट्स, सीड्स और केनोला आयल जैसे खाद पदार्थ  ओमेगा 3  से भरपूर होते है | 


    • फाइबर :- ब्लैक बीन्स, नट्स, चिया सीड्स और लेनटिल्स फाइबर जैसे गुणों से भरपूर होते है | 

     

    इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करे और इस वीडियो को पूरा देखें | इसके आलावा आप हुन्जुन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते है |

     

    यदि आप हड्डियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या से गुजर रहे है तो आज ही हुन्जुन हॉस्पिटल नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | 

     

  • हर्निया क्या है और इसके होने के प्रमुख कारण कौन-से है ? जाने एक्सपर्ट से कैसे पाएं हर्निया से निजात

    हर्निया क्या है और इसके होने के प्रमुख कारण कौन-से है ? जाने एक्सपर्ट से कैसे पाएं हर्निया से निजात

    हुन्जुन हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर पियारा सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में यह बताया कि मासपेशियां कमज़ोर होने पर व्यक्तियों को कई तरह के मुश्किलों का समाना करना पड़ जाता है जिसमें से एक है हर्निया की समस्या | जब मांसपेशी या फिर ऊतक में छेद कर अंदुरनी अंग बाहर को उभर आता है तो इसे मेडिकल टर्म में हर्निया रोग कहा जाता है | लेकिन घबराएं नहीं, हर्निया का आसानी से इलाज किया जा सकता है, साथ ही जीवनशैली में कुछ बदलाव से भी आप हर्निया जैसी समस्या से निजात पा सकते है | 

     

    यदि बात करे की हर्निया क्या होती है तो हर्निया एक ऐसी स्थिति या फिर ऐसी समस्या होती है, जिसमें यह पेट का कोई अंदरूनी अंग जैसे कि पेट में मौजूद मांसपेशी, टिश्यू और छोटी आंत पेट की कमज़ोर त्वचा को छेद कर बाहर को उभार आती है | आइये जानते है इसके मुख्य लक्षण और कारण कौन-कौन से है :- 

    हर्निया के प्रमुख लक्षण 

     

    • अचानक से पेट में तीव्र दर्द होना 
    • जी मिचलाना या फिर उल्टी आना 
    • अधिक समय तक खड़े रहने से पेट दर्द होना 
    • वजन उठाने के दौरान पेट में दबाव पड़ने पर दर्द होना 
    • पेट में लाल और जामुनी रंग के सूजन का उभारना 
    • पेट में सूजन आना आदि 

     

    हर्निया होने के प्रमुख कारण 

     

    • कब्ज की समस्या हमेशा होना 
    • पेशाब करने के दौरान दर्द का अनुभव होना 
    • खांसी का लगातार होना 
    • वजनदार सामान को उठाना 
    • धूम्रपान और शराब जैसी नशीली पदार्थों का सेवन करना 
    • गर्भवती के दौरान 
    • पेट में किसी कारण से लगी आंतरिक चोट या फिर पूर्व सर्जरी  
    • अनुवांशिक कारणों से 
    • बढ़ती उम्र 
    • समय से पहले बच्चे का जनम होना 

     

    यदि आप भी हर्निया की समस्या से गुज़र रहे हे और घरेलू उपचार को अपनाने के बाद भी स्थिति पर किसी भी प्रकार से सुधर नहीं आ रहा है तो, इसके लिए आप हुन्जुन हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर पियारा सिंह जो की एडवांस्ड लप्रोस्कोपिक सर्जन स्पेशलिस्ट है, वह इस समस्या का इलाज कर, इससे छुटकारा दिलाने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इसलिए आज ही हुन्जुन हॉस्पिटल की वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | 

     

    इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से संपर्क कर करे | इसके अलावा आप हुन्जुन हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर भी जा सकते हैं | इस चैनल पर इस विषय संबंधित संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी |

  • घुटनों को बदलने के लिए सर्जरी क्यों करवाई जाती है और इसके मुख्य वजह क्या है ?

    घुटनों को बदलने के लिए सर्जरी क्यों करवाई जाती है और इसके मुख्य वजह क्या है ?

    घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी तब की जाती है जब किसी व्यक्ति के घुटने में होने वाले दर्द के कारण यह सही तरह से काम बंद कर देता है | घुटने की रिप्लेसमेंट का सबसे पहला कारण यह भी है की आपके आरए में दर्द हमेशा रहता है | जिसकी वजह यह दर्द आपके काम करने या फिर चलने फिरने के गतिविधियों को काफी सीमित कर देता है और साथ ही रात में आराम करते समय यह दर्द काफी बढ़ जाता है | दूसरा कारण है ऑस्टियोओर्थोरिटेस, इस समस्या के कारण भी घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी की ज़रुरत पड़ जाती है |

     

    हुन्जुन हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में यह बताया की जोड़ो की बीमरी से छुटकारा पाने के लिए घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाना एक आखरी पड़ाव होता है, क्योंकि कई मामलों में घुटनो का दर्द इस हद तक बढ़ जाते है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को अपने रोज़मर्रा जीवनशैली में काफी दिक्कतों का सामना कर पड़ जाता है | 

     

    अगर बात करें की क्यों पड़ती है घुटने रिप्लेसमेंट की सर्जरी तो यह सर्जरी की प्रक्रिया तब की जाती है जब घुटने के जोड़ें एक बिन्दु तक पहुंच जाती है और नॉन-ऑपरेटिव इलाज के बाद भी घुटनो के दर्द पर किसी भी प्रकार का सुधर नहीं आ रहा होता है | इसी वजह से घुटने रिप्लेसमेंट सर्जरी से घुटने बदलने की प्रक्रिया को किया जाता है |  

     

    यदि घुटने का सिर्फ एक ही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है तो सर्जन द्वारा इस सर्जरी के माध्यम से उस क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को बदल दिया जाता  है | यदि पूरे जोड़ो को बदलने की आवशयता होती है तो थाईबॉन और शिनबॉन के सिरों को नया आकर देकर पूरे जोड़ों को फिर से सतह को लाया जाता है | जिनमे हड्डियां बाहर से सख्त नालियां की होती और लेकिन अंदर से नरम केंद्र होती है | इस सर्जरी के दौरान कृत्रिम भागों के सिरों को हड्डियों के नरम स्थानों के बीच वाले हिस्सों में डाला जाता है | 

     

    यदि आप भी घुटनो के दर्द से गुज़र रहे है और नॉन-ऑपरेटिव इलाज करवाने के बाद भी स्थिति पर किसी भी प्रकार का सुधर नहीं आ रहा है तो इसके लिए आप हुन्जुन हॉस्पिटल से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के पास ऑर्थोपेडिक्स में स्पेशलिस्ट बेहतरीन डॉक्टर्स की टीम है, जो इस समस्या से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते है | 

     

    इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप दिए गए लिंक पर क्लिक कर इस वीडियो को पूरा देखें या फिर आप हुन्जुन हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर विजिट भी कर सकते है |इस चैनल पर इस विषय संबंधित संपूर्ण जानकारी पर वीडियो पोस्ट की हुई है | 

  • Procedure, Preparation, and Various Factors You Need To Know For Arthroscopy

    Procedure, Preparation, and Various Factors You Need To Know For Arthroscopy

    What is Arthroscopy

    It is a procedure used by doctors for diagnosing and treating joint problems. Doctors recommend it when you have inflammation in joints, an injured or damaged joint, etc. Consult the best doctors for arthroscopy surgery cost in Ludhiana and various other things. You will get the best guidance from the doctor.

    Usually, people get the surgery done and are discharged on the same day. The Best Ortho Surgeon in Ludhiana performs this surgery and has achieved the best results. People get arthroscopy done on any joint. It is generally done in the wrist, ankles, knee, shoulder, elbow, and hips. This surgery can be performed on an Out-patient basis

    Doctors insert a tool called an arthroscope during this surgery through small cuts to check the damage. They treat those damages during the surgery. 

    How to Prepare for Arthroscopy

    • Be open to your doctor about your medical history and the vitamins you take.
    • You should wear clothes that are easy to wear and remove and avoid jewelry, watches, and other valuable items.
    • Avoid eating or drinking anything the night before the surgery unless it is advised by your doctor.

    Arthroscopy Procedure

    Your surgeon will treat you either in the hospital or the OPD. The surgeon will give you the anesthesia according to your problem. He will also numb the area where the surgery is to be performed. 

    To diagnose the problem, the doctor will insert a pencil-thin instrument through a small buttonhole-sized incision. This instrument used by the doctor has a camera and light to see the image of your joint. They may also use a sterile fluid to widen the image by injecting it into the joint to enhance the clarity of the image.

    Through the image, the surgeon will decide the surgery suitable for you. He will insert special tools to cut, shave, grasp, and anchor stitches to your bone. These tools are inserted through smaller cuts called portals.

    If the patent requires traditional surgery, It will be done simultaneously with arthroscopic surgery.

    They will remove the arthroscope and other tools and close the wound with either special tape or stitches.

    Recovery after Arthroscopy

    Afterward, the staff will escort you to the recovery room to rest for one hour or more. There will be some pain, and the doctor will prescribe you medicines and exercises. You can also take aspirin to prevent blood clots if prescribed by doctors.

    You should use ice for the first 24 hours to lower swelling. If the surgery is done on the knee, raise the leg to reduce pain. Abstain alcohol at all costs.

    You can also need crutches to support you during the healing period.

    You can also consult the doctor in case of fever, pain that gets worse, 

    numbness or tingling, smelly and discolored fluid leaking from the wound, etc, which rarely happens. 

    You can remove the bandages and cover the incisions with small strips. The doctor will remove the stitches after one or two weeks.

    Contact us for the best treatment for joints. You will see better and more seamless results.